ये पौधा दिखे तो इसे बिलकुल भी नजरअंदाज ना करे 120 से अधिक बिमारियो का इलाज है इस पौधे में

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chakvad ke fayde
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पवाड एक बहोतहि गुणकारी औषधी है. और बहोतही आसानी से मिल जाती है. इस पौधे को हम चक्रमर्द, चिरोटा के नाम से पहचानते है. ये औषधी मुख्यत वर्षा ऋतू कि पहली फुहार पडते हि उगती है. और गर्मी के दिनो में सुखकर खाली हो जाती है. इसके पत्ते अठन्नी के आकार के होते है. मेथी के पत्तो जैसे इसके पत्ते होते है. और तीन जोडे वाले होते है. इसकी फलीया पतली एवं गोल होती है. पवाड को उगाने के लिये कोई विशेष आवश्यकता नही होती है ये अपने आप उग आती है. इससे मिलता जुलता एक और पौधा होता है जिसे कासमर्द या कासौंदी कहते है. ये चक्रमर्द से थोडा छोटा होता है. यह खासी के लिये बेहत गुणकारी होता है. इसलिये इसे कसमर्द कहते है. तो चलिये जाणते है इसके गुणो के बारेमे.

दाद, खाज खुजली कि समस्या हो तो चक्रमर्द के बीजो को पानी में कुचल के रोग ग्रस्त अंग पर लगा ले अवश्य लाभ मिलेगा. इसके अलावा अगर किसीको फोडा, फुआ हो तो चक्रमर्द के पत्तो कि पीसकरके उसपर लेप लगा दे आपका फोडा निकल जायेगा.

दुधिया, कमरदर्द चक्रमर्दसे फोडा, फुन्सी खासी, दमा और प्रसूती कि बिमारी के रामबाण दवा के रूप में कार्य करता है. कुष्ठरोग दूर करने में सहाय्यक होता है. मेमोरी पॉवर बढाने में बहोत हि अच्छी औषधी है.

अगर किसीको पिलिया हो गया है तो इसकी पत्तियो और बीजो का काढा रोगी को देते रहने से अवश्य लाभ मिलेगा. लगभग पचास ग्राम पत्तियो को दो कप पानी में उबाले जब एक कप पानी शेष रह जाये तो इसे छानकर रोगी को दे. पिलिया इससे जल्दी से ठीक हो जायेगा. पत्तियो के काढे को दातोपर लगाने से या काढे से कुल्हा करने से दातो कि समस्या से जैसे दातो का दर्द, मासुडो से खून आना इन समस्या से छुटकारा मिलेगा.

लगभग दस ग्राम बीजो को एक कप पानी में उबाले और इसका काढा तैयार किजीये और बच्चो को दिजीये इससे पेट के क्रिमी मर जायेंगे शौच को तकलीफ नही होगी. यानी कब्ज कि समस्या दूर हो जायेगी. इसके अलावा इसका उपयोग हरी खाद के रूप में भी किया जाता है. इसमे नायट्रोजन, पोटाश, प्रोटीन भरपूर मात्रा में पाया जाता है. या फिर खेतो में जलाकर भी इसका उपयोग किया जाता है.

इसके अलावा सिरदर्द में भी ये बहोत हि गुणकारी है. इसके बीजो को नींबू में पीसकर सिरदार्द पर लगाये आधा शिशी के दर्द में लाभ मिलता है. वात रोग यानी जोडो के दर्द में सरसो के तेल में चकवाड के पत्तो का शाख भूनकर के खिलाये लेकीन ध्यान रहे इसे अधिक खाने से दस्त हो जायेगा इसलिये इसकी मात्र कम रखे.

इसके अलावा कोई अगर बवासीर से परेशान है तो उसे पत्तियो और बीजो को कुचलकर पेस्ट तैयार करके लेप लगाये इससे बवासीर से छुटकारा मिलने में आसानी होगी.

तो ये थी जानकारी चक्रमर्द (चकवाड) जानकारी. अगर ये जानकारी आपको अच्छी लगे तो इसे शेयर करना ना भुले और पेज को अवश्य लाईक करे.

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